डिजिटल इंडिया की गूँज अब हमारे कझारघाट विद्यालय में! 📱🎓
हमें यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि न्यू प्राथमिक विद्यालय कझारघाट (कुदरा) में अब पढ़ाई के साथ-साथ मूल्यांकन भी हाई-टेक हो गया है।
✅ क्या रहा खास?
कक्षा 3 से 5 के बच्चों ने दी मासिक सामान्यज्ञान की परीक्षा।
हमारे प्रधानाध्यापक श्री ब्रजेश कुमार जी द्वारा निर्मित विद्यालय की अपनी वेबसाइट के जरिए हुई परीक्षा।
बच्चों ने व्हाट्सएप लिंक से पेपर दिया और तुरंत अपना रिजल्ट मोबाइल पर पाया।
यह कदम हमारे बच्चों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की एक छोटी सी कोशिश है। तकनीक और शिक्षा का यह संगम बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा।
बिहार के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की 'संज्ञान' (Sanygyan) या मूल्यांकन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को तकनीक से जोड़ने और उनकी समझ को परखने का एक बेहतरीन माध्यम है।
यहाँ इस आयोजन के कुछ महत्वपूर्ण पहलू दिए गए हैं:
डिजिटल साक्षरता: ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से बच्चे छोटी उम्र से ही कंप्यूटर और टैबलेट के इस्तेमाल में सहज हो रहे हैं।
त्वरित मूल्यांकन: ऑनलाइन पद्धति से बच्चों के परिणाम और उनके सीखने के स्तर (Learning Outcomes) का डेटा तुरंत मिल जाता है, जिससे शिक्षकों को यह समझने में मदद मिलती है कि किस बच्चे पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
आधुनिक शिक्षा: कुदरा जैसे क्षेत्रों में इस तरह के प्रयास दिखाते हैं कि सरकारी स्कूल अब आधुनिक शिक्षा की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
0 Comments